अमेरिका ने युद्ध अपराध किया, ईरान ने पुलों पर हमले की धमकी दी और यूरोप से बातचीत शुरू की: ईरान युद्ध की ताज़ा खबरे
ईरान का युद्ध जमीन के लिए नहीं बल्कि बढ़ते धुएं (rising smoke) की तरह है। आज की अपडेट बताती है कि इस युद्ध में अमेरिका कैसे अकेला (isolated) पड़ता जा रहा है। NATO मदद करने से रोक रहा है, ईरान यूरोप से तेल के समझौतों की बात कर रहा है, और अमेरिका पर युद्ध अपराधों (war crimes) के आरोप लग रहे हैं।
अमेरिका ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण B1 पुल (bridge) पर हमला किया है। यह ईरान का सबसे ऊंचा पुल है जो कारज (Karaj) को पश्चिमी तेहरान से जोड़ता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस बारे में लिखा: "ईरान का सबसे बड़ा पुल गिर गया है, अब यह कभी इस्तेमाल नहीं होगा—अभी और भी बहुत कुछ बाकी है! यह ईरान के लिए सौदा करने का सही समय है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और इस अच्छे देश में कुछ भी न बचे।"
इस पुल और अस्पतालों, स्वास्थ्य कर्मियों और बिजली घरों पर हमला करके अमेरिका ने युद्ध अपराध किया है। यह पुल तेहरान से जुड़ा था और आम नागरिक इसका इस्तेमाल करते थे। आमतौर पर पुल कभी सैन्य लक्ष्य (military target) नहीं होते। ट्रंप ने खुद पुल गिरने का वीडियो शेयर किया है।
जवाब में, ईरान के सैन्य अधिकारियों ने कुवैत, सऊदी अरब, अबू धाबी और जॉर्डन के कई पुलों की सूची (list) बनाई है जो अगले निशाने हो सकते हैं:
शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ब्रिज
किंग फहद कॉजवे
शेख जायद ब्रिज
अल मक्ता ब्रिज
किंग हुसैन ब्रिज
डमला ब्रिज
शेख खलीफा ब्रिज
अब्दुम ब्रिज
यूएई (UAE) के नागरिक ओमान जा रहे हैं। मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अधिकारी और राजनयिक (diplomats) होटलों में शरण ले रहे हैं, जिन्हें बाद में ईरान निशाना बना रहा है। ईरान की मिसाइलें इजरायल के कई इलाकों पर हमला कर रही हैं। कई दवा कंपनियों पर भी हमला हुआ है। पिछले 24 घंटों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
ताजा अपडेट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने के लिए किसी भी देश का समझौते के लिए स्वागत है।
ईरान यूरोपीय देशों के साथ तेल के समझौतों (negotiations) के लिए तैयार है। अगर यह समझौता होता है, तो यह अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका यूरोप में सबसे शक्तिशाली देश रहा है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा, "ट्रंप एक अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी हैं।" फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, "ट्रंप बहुत ज्यादा बोलते हैं... उनकी बातें न तो शालीन हैं और न ही मानकों (standards) के अनुरूप।"
ज्यादातर NATO देशों—इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, ऑस्ट्रिया, पोलैंड—ने अपने जहाजों को होर्मुज भेजने और अमेरिका को अपने बेस (bases) इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया है।
ट्रंप ने कल बयान दिया, "हमने ईरान को पत्थर युग (stone age) में भेज दिया है।" इस पर ईरान के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने जवाब दिया, "पत्थर युग? जब आप गुफाओं में आग ढूंढ रहे थे, तब हम साइरस सिलेंडर पर मानवाधिकार (human rights) लिख रहे थे। हम सिकंदर और मंगोलों के तूफानों से भी बच गए; क्योंकि ईरान सिर्फ एक देश नहीं, एक सभ्यता (civilization) है।"
ईरान अब सिर्फ बचाव नहीं बल्कि हमला भी कर रहा है। यह युद्ध अब "आंख के बदले आंख" का है। कई अमेरिकी सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं—क्या जमीनी हमला होगा? दूसरी तरफ, यूनिवर्सिटी और अस्पतालों पर अमेरिकी हमलों की आलोचना (criticized) हो रही है। ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स भी लगा दिया है।
क्या यूरोप के साथ ईरान के समझौते अमेरिका को अकेला (isolated) छोड़ देंगे? क्या ईरान अगली बड़ी शक्ति (power) होगा?
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